Whats app के माध्यमसे की दो लाख रूपये की मदत और रचा इतिहास

Whats app के माध्यमसे की दो लाख रूपये की मदत और रचा इतिहास

 
पुणे : आज कल व्हाट्सअप ( Whatsapp ) इस सोशल मीडिया का इस्तेमाल आम हो चूका है। इस के जरिये हम हमारे फोन पर ही दुनिया भर की खबरे और बहोत मालूमात पा सकते है।
 
कोई इस का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करता है तो कोई महज इस का इस्तेमाल अपना कीमती वक़्त बर्बाद करेने के लिए करता है।
मगर क्या यकीन करोगे ? के, Whatsapp  का इस्तेमाल किसी के मदत के लिए भी हो सकता है !हा, ये मुमकिन है.

और ये कर दिखाया है शहर पूना के येरवडा में रहने वाले हाजी गौसभाई  शेख़ ईन्होने।

 समाजी काम का जज़्बा रखने वाले गौस भाई को जब पता चला के एक लडकी बिल्क़िस पठान जो एक तालीमी याफ्ता लड़की जिसने  M.Com तक  तालीम हासील की थी
 
मगर अपने पैरो से माज़ूर थी जिस वजह से अपने तालीम का वो सही इस्तेमाल नहीं कर पा रही थी ।
 
लिहाजा इस लड़की को इलेक्ट्रॉनिक व्हील चेयर दिलवाने की ग़रज़ से उन्हों ने अपने मोबाइल से एक अपील Whatsapp के जरिये डाली।
 
जिसमे उन्होंने इस काम के लिए लोगो से माली तआवुन की गुजरिश की। यह अपील उन्होंने रमज़ान के महीने में की
 
और हम सब जानते है और हमारा ईमान है के इस महीने में एक नेकी का जवाब सत्तर नेकी के बराबर होता है.
 
ईस अपील के साथ उन्होने एक स्लोगन को भी चलाये. ” अब की बार जकात अपनो को”. लिहाजा लोगो ने ईसे खुब पसंद किया. और उनके अपील पर लब्बैक कहना शुरू हुवा.
 
लोगो ने उनसे राब्ता करना शुरू किया और तआवुन देने लगे । चूंके ये रमज़ान का महीना था और लोगो के पास इबादत्त की वजह से तावून लेने की ग़रज़ से अपने यहाँ बुलाना शुरू किया।
 
गौस भाई ने भी अपने दीनी फराइज़ को पूरा करते हुवा इस तआवुन को जमा करने की ग़रज़ से शहर के इस कोने से दूसरे कोने तक सफ़र किया और आखिर कार अपने मकसद में कामयाब हो ही गए।
 
और देखते – देखते 1,20,000/-₹. का आकडा छु गये. साथ मे उसी मॅसेज को लेकर एक खवातीन ग्रुप ने भी बात चलाई थी. जीनसे 43,000/- ₹. ताऊन आया.
 
और ईश्शु खत्म होने बावजुद प्रोग्राम के दिन फिर से “पुनावाले (रेमंड शाॅप MG Road) इस फॅमीली से 41,000/- ₹. का ताऊन आया.
याने ऐसे शोसल मिडीया के जरीये हाजी गौस भाईने 2,04,000/- ₹. जमा किये.

ईले. व्हिल चेअर जिसकी किमंत 2,10,000/- ₹ थी. उसी चेअर को और भी जद्दोजहद करके बाजार, नेट पर घुमफिरकर 1,25,000/- ₹. वाली चेअर 1,10,000/- ₹. मे हासील किये.
 
जिसे बरोज मगंल, 8 अगस्त 2017 के दिन, “नुर अल बस्म” हाॅल ऐतीम खाना मे सभी स्कुल के लडकीया, टिचर, वाटस् अॅप के मेबंर, खवातीन,
Ex. प्रशासकिय अधिकारी मनपा के जनाब हिप्परगी सहाब, सामाजिक क्षेत्र के रफीक तबोंली, नजर चाचा ऐसे दिगर मानण्यवर कसीर तादाद मे हाजीर थे.
 
और महेमानाने खुशुशी “अजुंमन ऐ ईस्लाम के Ex. Vice Chairman (Mumbai) जनाब झेन पुनावाला, मोहतरमा नाजोरा सत्तार Chair Person (A. E. I- Pune),
 
मोहतरमा नुसरत शरीफ  Voice Chair Person (A.E.I. Girles Polytechnic Pune), मोहतरमा शहेनाज मॅडम Executive Officer A.E.I. Pune), 
जनाब मुनव्वर कुरेशी सस्थांपक अध्यक्ष “ईडिंयन मुस्लिम फ्रटं” हाजीर थे.जहां बिलकीस पठाण को ईले. व्हिल चेअर 10 th के अव्वल दरजे से अजुंमन स्कुल से कामयाब हुई
 
“आरजु काटेवाडी” के हाथो दि गई वही इस कामयाब बच्ची को भी मोमेन्टो देकर नवाजा गया. साथ मे CBSC मे मुल्क मे अव्वल दरजे से 1 Rank लेकर जो बच्ची कामयाब हुई है
 
“मुस्कान पठाण” ईसका भी सत्कार था. लेकीन दादा को ऐडमिट करने की वजहसे वह प्रोग्राम को आ न सकी.
साथ मे अजुंमन ईदारे के तरफ से भी ईन बच्चीयो का खैरमकदम किया गया और तोहफे दिऐ गये. जो मुस्कान पठाण को घर जाकर दिया जायेगां.
 
ईस प्रोग्राम मे बिलकिस के वालीद सहाब ने बिलकिस के परवरीश और जदोजहद को सामने रखा.
वही हाजी गौस भाई ने ईस ईश्शु को Whatsapp के जरीये कैसे कामयाब किये यह हाजरीन के सामने रखा.
साथ मे हाजी गौस भाई ने ईसी अजुंमन के सामने होनेवाले ऐक्सिडेन्ट Whatsapp पेभी जानकारीया दि. और ईसके लिऐ जो
 
“अजुंमन ऐतिम खाना ओव्हर ब्रिज” ईश्शु के जद्दोजहद को भी सामने रखा और कामयाबी के लिऐ दुआ को दरख्वासत की.
 

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साथ मे हाजी गौस भाईने अजुंमन ईदारे का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया जिन्होने ईस प्रोग्राम के लिऐ सिफ॔ हाॅल ही मुफ्त मे मुहय्या नही किया
 
बल्के ईस प्रोग्राम को केमयाब बनाने ईदारे के मोअज्जीज मेहमानो को भी हाजीर किया और ईदारे के तरफ से भी ईन कामयाब और होनहार बच्चीयो का तोहफा और गुलपोशी देकर नवाजा गया.
 
ईस प्रोग्राम मे बिलकिस पठाण ने भी अपने खयालात पेश की किस तरहा से उसने जद्दोजहद करके यह M. Com तक की पढाई हासील की.
 
और चेअर के ताऊन करनेवेले और प्रोग्राम को कामयाब बनाने वालो को बहोत सारी दिल से दुआऐ दि.
दुसरी कामयाब बच्चीने भी अपने खयालात को ईजहार किया. और जहां अपने पढाई के तजुरबे पेश किये
 
वही अल्लाह ने ईन्सान को जो पुरा सही सलामत जिस्म दिया उस अनमोल तोहफे को भी सामने रखा.
ईन दोनो बच्चीयो के ईजहारे खयालात से जहा स्टुडेन्ट मुतासीर हुऐ और एक खुशी का माहोल था वही एक ईमोशनल गमगिन माहोल भी बन गया था.
 
जब बिलकिस पठाण को ऊठाकर उस चेअर मे रखा गया उर उसने हाॅल मे ही उस चेअर को चलाया.
 
मानो के 25 साल बाद माॅ पेट से पैदा होने के बाद पहली बार वह ईस जमोन पर बगैर किसी का सहारा लिऐ चल रही है दोड रही है.
Whatsapp की वजहसे ईस प्रोग्राम को हाजी गौस भाई के जेरेतहेत और “ईडीयन मुस्लिम फ्रंट” के सभी टिम के साथ कामयाब बनाया गया.
 

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